Lakshmi puja | देखीए कैसे करते हे सही विधी से लक्ष्मी पूजन

Lakshmi puja |देखीए कैसे करते हे सही विधी से लक्ष्मी पूजन | lakshmi puja vidhi at home

lakshmi puja

Lakshmi puja vidhi at home |नमस्कार हमारे blog  fastival | AstroShastriGuru पर आपका स्वागत है। ओम श्री लक्ष्मी ओम श्री लक्ष्मी माता नमः भक्त इस blog में मैं आपको संपूर्ण लक्ष्मी पूजन (lakshmi puja) विधान बताने जा रहा हूं जो कि आप बिना किसी पंडित के अपने घर पर खुद से ही संपन्न कर सकते हैं तो आइए जानते हैं।

Lakshmi puja

lakshmi pooja time

लक्ष्मी पूजन का समय

Pradosh Kaal  = 04:14 PM – 07:17 PM

Vrishabha Kaal = 04:11 PM – 05:47 PM

Lakshmi puja shubh muhurat

05:58 PM – 07:59 PM = Pune

05:28 PM – 07:24 PM = New Delhi

05:41 PM – 07:43 PM = Chennai

05:37 PM – 07:34 PM = Jaipur

05:42 PM – 07:42 PM = Hyderabad

05:29 PM – 07:25 PM = Gurgaon

05:26 PM – 07:21 PM = Chandigarh

04:54 PM – 06:52 PM = Kolkata

06:01 PM – 08:01 PM = Mumbai

05:52 PM – 07:54 PM = Bengaluru

05:57 PM – 07:55 PM = Ahmedabad

05:28 PM – 07:23 PM = Noida

 

खुद से करें लक्ष्मी पूजा | संपूर्ण लक्ष्मी पूजन विधान | Lakshmi Puja Vidhi

lakshmi pooja items list

लक्ष्मी पूजन(Lakshmi puja )के विधान के बारे में लक्ष्मी पूजन की एक निश्चित प्रक्रिया है, उसके लिए लगने वाली सामग्री है।सबसे पहले लक्ष्मी माता की मूर्ति गणेश स्थापना के लिए हमें पान, पैसे और लाल सुपारी लगने वाली है। पांच प्रकार के रंग के फल , उसमें पांच खाने के पत्ते ,नारियल|

 

इसमें पांच प्रकार के अनाज रखें।

गी का दिया, धूप ,घंटी ,कुमकुम और चावल ,प्रसाद लक्ष्मी का फोटो कुबेर और लक्ष्मी का फोटो और पूजा के लिए वही लक्ष्मी जी की फोटो

की स्थापना करे.

उसके बाद हम गणेश जी की स्थापना करेंगे।

हर पूजा में गणेश जी का महत्व सबसे पहले होता है।

उसके बाद  कलश पूजन करे|

कलश रखने से पहले उसके नीचे थोड़ा सा चावल और कुमकुम रखना चाहिए।

कलश मे कुमकुम से स्वस्तिक बनाना है, उसमें खाने के पत्ते रखे  और  जो नारियल रखा है उसे भी मैंने स्वस्तिक बनाना है।

इसमें हमने  5 प्रकार के अनाज लिए है। इसमें मैंने गेहूं लिया है इसमें जवारी लिया है।इसमें चावल! इसमें भत्ता से रखे हुए हैं।

यह सब सामग्री आपको आजकल मार्केट में मिल जाएगी। यह सब अनाज रखने का कारण यह है कि किसानों के लिए अनाज भी उनकी लक्ष्मी होती है।

इस दिवाली के समय उनका आना खेतों में से घर पर आता है तो वह उसकी पूजन करते हैं। अब हम इन के ऊपर दिए रखेंगे।

दिवाली दियो का त्यौहार होता है। इसीलिए हम जितने दीए लगाएंगे उतना अच्छा है।

अब  आपको ऐक झाड़ू बनाना हे यह झाड़ू सिंदरी के पांचों से बनता है।

इसे लक्ष्मी पूजा में विशेष महत्व है। लक्ष्मी पूजा में इसी प्रकार का झाड़ू चाहिए। लक्ष्मी पूजा में इसी प्रकार का झाड़ू का इस्तेमाल करना चाहिए। यह शुभ

होता है। इसे भी हम लक्ष्मी पूजन में इस्तेमाल करेंगे।

lakshmi pooja items list

–यहां हम पांच प्रकार के फल रखेंगे। अगर पांच प्रकार के फल नहीं है, मिलते हैं तो किसी भी प्रकार का फल रखे |

–लक्ष्मी की जो फोटो है उसे भी रखेंगे।

–लक्ष्मी पूजा में कुबेर और लक्ष्मी जी का फोटो का भी बहुत महत्व होता है।

–लक्ष्मी पूजा में जो पड़ी जिसे हम वही खाते के लिए इस्तेमाल करते हैं वह भी रखने वाले हैं। ऐसे मिलता है चोपड़ी इसे हम पूजा में रखेंगे।

–पूजा में हमारे पास जहां पर जो भी धन है उसे हम रखेंगे चांदी सोना पैसा जो भी धन है हमारे घर में उसे हम रखेंगे।

–लक्ष्मी विष्णु और कुबेर का इस पूजा में बहुत महत्व होता है।

–अब हम! दीए जला लेंगे।

 

Lakshmi puja vidhi |लक्ष्मी पूजन विधि

अब हम लक्ष्मी पूजा का विधि स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले फूल और पानी से पूजा शुरू करेंगे सबसे पहले फूल और पानी सब तरफ फिर ले हर पूजा में सबसे पहले गणेश जी का महत्व सबसे पहले होता है

इसलिए गणेश जी को कुमकुम और चावल से  लागएगे !

उसके पास कलश पूजन करना चाहिए।

उसके बाद लक्ष्मी जी की  पूजा करते समय  मन में लक्ष्मी जी का ध्यान करें तो बहुत अच्छा है।

 

lakshmi puja mantra

लक्ष्मी पूजन विधि मंत्र सहित

ऊँ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा। य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: वाह्याभंतर: शुचि:।।

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग ऋषिः सुतलं छन्दः कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥

पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

“ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः

ऐसा अगर मंत्र पढ़ते हैं तो बहुत अच्छा होगा।

अब  कुबेरजी का पूजा में बहुत महत्व है।  उन की  फोटो आपको मार्केट में हर जगह मिल जाएंगे।

उस फोटो को हम कुमकुम और चावल से उसे पूजेंगे।

महालक्ष्मी सरस्वती और गणेश जी  फोटो है  हम उसकी भी पूजा कर लेंगे।

lakshmi puja

mantra for lakshmi puja

ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्मी, इहागच्छ इह तिष्ठ, एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम्।”

प्रतिष्ठा के बाद स्नान कराएं: ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः।। इदं रक्त चंदनम् लेपनम् से रक्त चंदन लगाएं। इदं सिन्दूराभरणं से सिन्दूर लगाएं। ‘ॐ मन्दार-पारिजाताद्यैः, अनेकैः कुसुमैः शुभैः। पूजयामि शिवे, भक्तया, कमलायै नमो नमः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः, पुष्पाणि समर्पयामि।’इस मंत्र से पुष्प चढ़ाएं फिर माला पहनाएं। अब लक्ष्मी देवी को इदं रक्त वस्त्र समर्पयामि कहकर लाल वस्त्र पहनाएं।

 

यहां चावल का कुबेर बना ले जो जिसकी प्रतीमा  बना ले है उसे भी हम कुमकुम से पूजेंगे।

उस पर फूल रख देंगे।

यहां हम चांदी का सिक्का लेगे उसको भी पूछेंगे। देखिए चांदी का सिक्का है हमारे यहां जो किसी भी प्रकार कीलक्ष्मी है। धन है उसके हम पूजा करेंगे।

इस प्रकार सब हर तरफ फूल रखे कुमकुम डालकर हम पूजा विधि हमने कर लिया।

प्रसाद के तौर पर हमने यहां पर पांच प्रकार के फल  घर में  है  ! मिठाई जो भी प्रशाद बना है वह रखना चाहिए। यहां पर  लक्ष्मी पूजन में यह जला ही और यह बताता होता है। यह भी आपको मार्केट में मिल जाएगा।

–यहां भी रखना बहुत जरूरी होता है।

–अब हम यहां पर घी का दिया लगा लेंगे।

–अगर हो सके तो घंटी का जो गुनगुना है वह शुरू रखनी चाहिए। उसे वातावरण प्रसन्न में रहता है।

–इस घी के दिए से और धूप से हम आरती कर ले।

lakshmi puja aarti

ओम महालक्ष्मी नमो नमः ओम विष्णु प्रियाए नमो नमो नमो नमो ओम नमो नमो नमो

ओम महालक्ष्मी नमो नमः ओम विष्णु प्रियाए नमो नमो नमो नमो ओम नमो नमो नमो

नमो नमो नमो नमः ओम विष्णु चंदन जय नमो नमः।

ओम महालक्ष्मी नमो नमः ओम विष्णु प्रियाए नमो नमो नमो नमो गजानन नमो नमः।

ओम नमो नमः ओम गजानन नमो नमः।

ओम महालक्ष्मी नमो नमः ओम विष्णु प्रियाए नमो नमो नमो नमो गजानन नमो नमो

नमो नमो नमो नमो गजानन नमो नमः।

श्री महालक्ष्मी नमो नमः ओम विष्णु प्रियाए नमो नमो नमो नमो नमो नमो नमो

नमो नमो नमो।   और देखे

 

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एक दंत दयावंत चार भुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे, मुसे की सवारी। जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुवन का भोग लगे, संत करे सेवा।।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़ियन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।

सुर श्याम शरण आये सफल कीजे सेवा।।

जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

 क्षमा प्रार्थना

न मंत्रं नोयंत्रं तदपिच नजाने स्तुतिमहो

न चाह्वानं ध्यानं तदपिच नजाने स्तुतिकथाः ।

नजाने मुद्रास्ते तदपिच नजाने विलपनं

परं जाने मातस्त्व दनुसरणं क्लेशहरणं आगे देखे

 

हम जितने प्रकार के धूप दिए लगा सकते हैं। लगा लीजिए उसे हमारा वातावरणमंगलमय हो जाएगा।

इस प्रकार हमारी पूजा विधि संपन्न हो गई है।

 

अगर आपको:-

मेरा यह ब्लॉग पसंद आया हो तो आप प्लीज इसे शेअर कीजिए कमेंट कीजिए।

आप सभी को दिवाली और नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं थैंक्यू !

 

ये भी पढ़ेः http://astroshastriguru.in/2020/05/healing-stone-

ये भी पढ़ेः http://astroshastriguru.in/2020/04/baisakhi-2020-

 

1 thought on “Lakshmi puja | देखीए कैसे करते हे सही विधी से लक्ष्मी पूजन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *